
ब्रेकिंग न्यूज़:ग्राम पंचायत चेऊडीह में सरपंच के पति और मां अन्नपूर्णा ट्रेडर्स को फर्जी बिलों से लाखो का भुकतान,जांच करने पामगढ़ सीईओ का छूट रहा पसीना
Global 36garh news 11 नवम्बर 2022 जांजगीर चांपा । जिले भर की पंचायतों के कामकाज और भारी भ्रष्टाचार को लेकर आमजन में भारी असंतोष व्याप्त है। शासन को खुलेआम चूना लगाने वालों को प्रशासन से मौन संरक्षण मिल रहा है। प्रमाणित शिकायतों पर भी भ्रष्टाचार और गड़बड़ियां करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रशासन आंख बंद करके बैठा है, इससे जिले में पंचायती राज व्यवस्था पूरी तरह से चैपट हो चुका है। भ्रष्ट जनप्रतिनिधि छाती ठोक कर मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन खामोश है। जिले के ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पंचायत द्वारा कराए जाते हैं जहां फर्जी फर्मों से सामग्री के फर्जी बिलों के भुगतान के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी ही फर्मे कागजों में बना ली है जिनके माध्यम से लाखों रुपए की शासकीय राशि ‘घर के घर में डकारने का एक नया फार्मूला ईजाद कर लिया गया है। आपको बता दें कि सरपंच सचिव और अधिकारीयों की साठ गांठ से भुगतान करवाने के लिए यह फर्में बनाई जाती हैं। निर्माण कार्यों में सामग्री के नाम पर इन फर्मों को भुगतान कर दिया जाता है। जबकि उतनी कीमत की सामग्री का उपयोग इन कार्यों में नहीं होता है। दूसरा जीएसटी की भी चोरी इन फर्मों के माध्यम से आसान हैं अन्य फर्मो के फर्जी बिलों के लिए जीएसटी की राशि और कमीशन कारोबारियों को देना पड़ता है जो खुद की फर्जी दुकानों के बिलों के द्वारा जनप्रतिनिधियों की जेब में पहुंच जाता है।
सरपंच पति की खुल गई फर्म, बिना दुकान बना सप्लायर
पूरा मामला पामगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत चेऊडीह का है जहा कि सरपंच पत्रिका पात्रे है, पूरा मामला सूचना के अधिकार में मांगे गए जानकारी में निकल कर आया है, ग्राम पंचायत चेऊडीह की सरपंच पत्रिका पात्रे अपने पति की फर्जी दुकान शिव पात्रे ट्रेडर्स एवं बोरवेल्स के नाम से ग्राम पंचायत से भुगतान स्वरूप मोटी राशि का भुगतान किया गया है। सरपंच के पति की दुकान शिव पात्रे ट्रेडर्स एवं बोरवेल्स को 15 वे वित्त योजना की लाखो रुपए की राशि ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान किया गया। सरपंच के पति की फर्म को ग्राम पंचायत द्वारा और कितना भुगतान किया जाता रहा है जो जांच का विषय है। सरपंच एक जनप्रतिनिधि है और ग्राम पंचायत में उनकी पति की फर्म को किए गए भारी भरकम भुगतान सरपंच का अपने सगे संबंधियों को पद का लाभ दिलाने का साफ संकेत है इसकी जांच और नियमानुसार कार्यवाही विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही है साथ ही जांच करने पर और भी कुछ बड़े खुलासे होने की संभावना बताई जाती है। अपनों को लाभ पहुंचाने के मामले में ग्राम पंचायत चेऊडीह की सरपंच सिर्फ यही नहीं रुक जाती बल्कि परपंच ने मां अन्नपूर्णा ट्रेडर्स पनगाव के नाम से लाखो रुपया का बिल लगा दिया गया है,बिल में जिस गांव में दुकान होने की जानकारी दी गई है,असल में उस गांव में कही भी मां अन्नपूर्णा ट्रेडर्स पनगांव नाम से दुकान नही मिला इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की सरपंच और ग्राम पंचायत के सचिव पंचायत में ग्राम पंचायत के विकाश के लिए आए पैसों को डकार कर अपनी जेबें भरने में लगे हुए है।मां अन्नपूर्णा ट्रेडर्स की फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया गया जिसकी जांच भी जरूरी है। सरपंच के पति एवं मां अन्नपूर्णा ट्रेडर्स पनगाव की फर्मों के नाम पर अन्य योजनाओं से उनको कितना भुगतान किया गया – इसका भी खुलासा होना अभी बाकी है। जनप्रतिनिधि द्वारा पंचायत में अपनों को लाभ दिलाने के मामले की जांच से और भी कई बड़ी – गड़बड़ियों के उजागर होने की संभावना है।
एसडीएम कार्यालय पामगढ़ में 16 सितम्बर 2022 को किया सिकायत
पामगढ़ एसडीएम कार्यालय में इन फर्जी बिल और फर्जी दुकानों की जांच के लिए शिकायत किया गया है लेकिन एक माह बीस दिन से भी ज्यादा का समय निकाल जाने के बाद भी किसी भी प्रकार का कोई भी जांच नही कराया जा रहा है,पामगढ़ एसडीएम के द्वारा दिए गए उपस्थित दिनांक को जाने पर यही पता चलता है की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की है,आप एक सप्ताह बाद उपस्थित होकर जानकारी ले सकते है। एसडीएम के अनुसार पामगढ़ सीईओ को जांच करने प्रतिवेदन भेज दिया गया है लेकिन पामगढ़ सीईओ किसी भी प्रकार का जांच शुरू नही कर रहे है।
पामगढ़ सीईओ का छूट रहा पसीना जांच करने के जगह दे रहे है तारीख पे तारीख
पामगढ़ एसडीएम के द्वारा ग्राम पंचायत चेऊडीह में हुए फर्जी भुगतान की जांच करने पामगढ़ सीईओ को आदेश दिए है तो आखिर पामगढ़ सीईओ क्यों नहीं कर रहे ग्राम पंचायत की फर्जी भुगतान और फर्जी दुकानों की जांच सीईओ के जांच नही करने और जांच की तारीख पे तारीख बढ़ाते जाने से यही अंदाजा लगाया जा सकता है की ग्राम पंचायत में हुए फर्जी भुगतान और लगाए गए फर्जी बिलो में पामगढ के
जिम्मेदारों के हाथ भी रंगे होंगे सायद इसी कारण से जिम्मेदार जांच अधिकारी भी तारीख पे तारीख देते नजर आ रहे हैं।



