
कर्मचारियों को प्रशिक्षण अवधि के आधार पर नहीं मिलता है ग्रेड पे।ग्रेड पे को लेकर कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त।
रायपुर 20 सितंबर 2021।छत्तीसगढ़ राज्य के कइयों कर्मचारीयों को उनके योग्यता और प्रशिक्षण अवधि अनुसार ग्रेड पे नहीं मिल रहा है ग्रेड पे कम मिलने से कई कर्मचारी संगठनों में रोष व्याप्त हैं।राज्य सरकार के 2 साल कार्यकाल के बाद भी इनकी मागों पर गौर नहीं करने से उनमें नाराजगी व्याप्त हैं।ये कर्मचारी संघ पिछले दो दशक से अपने हक अधिकार के लिए आंदोलनरत हैं।हम बात करते हैं पहले एक साल प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी करने वालों के बारे में इस संवर्ग में ये कर्मचारी आते हैं नेत्र सहायक,डेंटल टेक्नीनिशयन,रेडियो ग्राफर,सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्रअधिकारी जिन्हे वर्तमान में 2800 रू ग्रेड पे मिलता है, डेढ़ साल प्रशिक्षण वालों में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक(आर एच ओ) हैं जिनका ग्रेड पे 2200 रू है,दो साल प्रशिक्षण कर नौकरी पाने वालों में पटवारी,फार्मासिस्ट इन्हें क्रमशः 2400 रू,2800 रू ग्रेड पे मिलता है।तीन साल वालों में त्रि वर्षीय पाठ्यक्रम वाले ग्रामीण चिकित्सा सहायक(आरएमए) आते हैं जिनका ग्रेड पे 4200 रू देय है।बात करें स्टॉफ नर्स की तो वे जीएनएम का साढ़े तीन साल/ बीएससी नर्सिंग के 4 साल पाठ्यक्रम कर नौकरी प्राप्त करते हैं जिनका ग्रेड पे 2800 रू निर्धारित है।
राज्य सरकार के उक्त कर्मचारियों में से ग्रेड पे को लेकर सबसे ज्यादा नाराज स्वास्थ्य विभाग के आर एच ओ, स्टॉफ नर्स हैं इनका कहना है की अपने ही विभाग के कम अवधि में प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों को ज्यादा ग्रेड पे देय है।इसके लिए इस कर्मचारी संगठनों ने 2018 में करीब 20 – 20 दिन का आंदोलन किया था सरकार से आश्वासन मिलने पर आंदोलन स्थगित किया था लेकिन समस्या आज भी बरकरार है।सबसे ज्यादा असंतोष स्टॉफ नर्स में है संघ का कहना है कि त्रि वर्षीय पाठ्यक्रम वाले आर एम ए तीन साल का पाठ्यक्रम किया उन्हें 4200 रू ग्रेड पे दिया जा रहा है वहीं उनके अधीन कार्य करना पड़ रहा है।इनकी प्रमुख मांग है की इन्हें अन्य राज्य की भांति 4600 रू ग्रेड पे दिया जाय और पदनाम नर्सिंग ऑफिसर किया जाएं। आर एच ओ संघ का कहना है कि हमने डेढ़ साल प्रशिक्षण प्राप्त किया है सरकार हमें 2200 रू ग्रेड पे दे रही है वहीं एक साल वाले नेत्र सहायक,डेंटल सहायक, पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी को 2800 रू ग्रेड पे दिया जा रहा है हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है।इतनी बड़ी वेतन विसंगति के बाद भी सरकार हमारी प्रमुख मांग पर चुप्पी साधी हुई है हमें सरकार तत्काल 2800 रू ग्रेड पे दें।लिपिक वर्ग की बात करें तो ये संवर्ग में 1900,2200,2400 ग्रेड पे देय हैं ये 2800 रू ग्रेड पे चाहते हैं।पटवारी संघ भी 2800 रू ग्रेड पे की मांग कर रहे हैं,राजस्व निरीक्षक संघ भी 2800 की जगह 4600 रू ग्रेड पे मांग रहे हैं महिला बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक 2400 की जगह 2800 रू ग्रेड पे चाहते हैं इन कर्मचारियों की यदि जल्द वेतन विसंगति दूर नहीं होगी तो वे आंदोलन कर सकते हैं।ऐसे आगामी 26 सितंबर 2021 को पिंगुवा कमेटी सरकार के समक्ष कर्मचारी हित में वेतन विसंगति को लेकर सिफारिश कर सकती है इनके प्रस्ताव और सिफारिश अनुरूप सरकार बड़ा फैसला ले सकती है।



