ग्राम पंचायत पवनी के निष्कासित और भ्रष्टाचार के आरोपी,निलंबित सरपंच को एसडीएम ने किया बहाल।।माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए सुनवाई कर निष्कासित सरपंच को बहाल कर दिया गया।

Global36 गढ़ के संवाददाता नीलकांत खटकर।

बलौदाबाजार 24 05 2021। पद का दुरुपयोग किस कदर होता है वे बिलाईगढ़ में देखें।प्रदेश में कांग्रेस की सरकार हैं और बिलाईगढ़ विधान सभा क्षेत्र भी उनका ही है इस वजह से यहां जमकर राजनीतिक हो रही है ।सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधियों द्वारा शासन प्रशासन को कब्जे में लेकर नियम विरुद्ध यहां दबाव पूर्वक कार्रवाईयां की जा रही है भले ही इन कार्यवाहियों से क्षेत्र की जनता पर कुछ भी प्रभाव पड़े लेकिन सत्ता के नशे में चूर जनप्रतिनिधि हर काम पर बाधा बन रहे हैं और हर काम अपने इशारों पर करना चाहते हैं। अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए कोरोना काल को दरकिनार करते हुए निलंबित सरपंच को बहाल किया गया, नेताओं के दबाव में काम करने वाले अधिकारियों का समझ इतना कमजोर हो सकता है ये समझ से परे है, अभी कोरोना रूपी महामारी से पूरा देश-प्रदेश व्यथित है, इससे बचाव हेतु राज्य सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टरों ने अपने अपने जिलों में लॉक डाउन लगा रखा है, जिसमे सभी प्रकार के शासकीय, अशासकीय कार्यालय आम जनता के लिए बंद है, केवल कार्यालयीन कार्य हेतु खोले जा सकते है, किंतु श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलाईगढ़ ने राज्य सरकार व कलेक्टर महोदय के निर्देश को तार-तार करते हुए भ्रष्टाचारी सरपंच महेंद्र श्रीवास निलंबित सरपंच ₹ 5,91.563/- अनियमिता के आरोपी श्रीमान कलेक्टर महोदय बलौदा बाजार भाटापारा के आदेश दिनांक 04-03-2021 को 3 माह के भीतर चल रहे प्रकरण आदेश पारित कर निराकरण करने का आदेश दिया गया है उस प्रकरण पर विचार ना करते हुए निलंबित सरपंच को लाभ पहुंचाने के लिए बहाल करते हुए आरोपी सरपंच के पक्ष में कार्य करना उचित समझा।
छत्तीसगढ़ राज्य पंचायतीराज अधिनियम 1993 में दिए प्रावधान के अनुसार निलंबन के पश्चात 10 दिवस के भीतर राज्य सरकार (कलेक्टर) को प्रेषित करने का प्रावधान है। चूंकि वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलाईगढ़,टी.सी. महेश्वरी ने राज्य सरकार को बिना अवगत कराये ही आदेश जारी कर दिया।
जबकि निलंबन से संबंधित माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) बिलासपुर के आदेश दिनांक 26-03-2021 पर रोक लगा है। अभी तक उस प्रकरण की सुनवाई भी नही हुई है।माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अवहेलना करते हुए सुनवाई कर बहाल कर दिया गया।इससे यह सिद्ध होता है कि जनता के साथ हो रहे अन्याय से किसी नेता या अधिकारी को कोई फर्क नही पड़ता उनको तो बस अपने पक्षधर को किसी भी स्थिति में सत्ता पर काबिज कर मलाई खानी है, चाहे वह गांव की जनता पर कितना भी लूट मचा ले।जबकि 15-04-2021 को कलेक्टर महोदय बलौदाबाजार के निर्देश पर ग्राम पंचायत पवनी के उप सरपंच चंद्रपाल यादव को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त कर कार्यभार सौपा गया था।

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