बलौदाबाजार 06मई 2021 । इस समय वैश्विक महामारी से लोग जूझ रहे हैं ऐसे में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होना चाहिए।मिली जानकारी अनुसार अभी मैदानी इलाकों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास आवश्यक दवाईयों की कमी है।शासकीय सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां तो है लेकिन सब सेंटरों में कोरोना की समुचित दवाइयां नहीं मिल पाने से गरीब और आम जनता को मेडिकल दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदने मजबूर होना पड़ रहा है जिससे उन्हें इस महामारी में जेबे ढीली करनी पड रही हैं।इस समय मैदानी कर्मचारियों को ग्रामीण मरीजों के लिए एजिथ्रोमैसिन, डॉक्सीसैक्लिन, आईवर मैक्टिन, डोलो या पैरासिटामोल,सेट्रिजिन या मोंटेयर एल सी सहित इत्यादि गोलियां ,मल्टी विटामिन कैप्सूल जैसी दवाइयां की पर्याप्त उपलब्धता होना बेहद जरूरी है।हमारे प्रतिनिधि ने जब सरसीवा अंचल के स्वास्थ्य विभाग के मैदानी इलाकों में पदस्थ कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारे पास कुछ एक दवाइयों के अलावा कोई भी विशेष प्रकार की दवाइयां नहीं है जिससे किसी जरूरत मंद या कोरोना मरीज को समय पर दिया जा सके हालाकि उन्होंने यह भी बताया की किसी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित किट प्रदान किया जाता है।इधर क्षेत्र के कई लोगों ने बताया कि उन्हें पॉजिटिव आने के 2 दिन बाद दवाई किट प्रदान किया गया इसलिए समय पर विभाग से दवाई नही मिलने से लोग अपने चिकित्सक से सलाह लेकर मेडिकल से महंगी दवाइयां खरीद रहे हैं।इसके मद्देनजर अंचल के लोगों ने जिले के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग से सभी जरूरी दवाइयों की आपूर्ति तत्काल करने और मैदानी इलाकों में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को उक्त दवाइयां प्रदान करने की मांग कि है ताकि कोई भी व्यक्ति को तत्काल कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ शासन प्रशासन कोरोना महामारी को नियंत्रण करने करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा कर रहा है वहीं सरकारी अमलों के पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नहीं होने से हमें इधर उधर भटकना पड़ रहा है वहीं मेडिकल से महंगी महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।ग्रामीणों ने आगे बताया की मेडिकल जाने पर 500 एम जी का एजिथ्रोमेसिन की 10 गोली को 250 से 300 रू में,12 एम जी का आईवार मेक्टिन 10 गोली 85 से 400 रू में,मल्टी विटामिन कैप्सूल 110 से 200 रू में खरीदना पड़ रहा है।विश्वस्त सूत्रों की मानें तो मेडिकल स्टोर्स वाले भी इस आपदा में खूब मुनाफा कमाने में जुट गए हैं वे इस समय कम कीमत वाली दवाई न देकर ग्राहक को ऊंची दर वाली दवाई बेच रहे हैं।आपको बता दें की छ ग सरकार ने पिछले दिनों महामारी नियंत्रण के लिए हरेक मितानिनों के पास 5 से 7 दवाई की किट उपलब्ध रखने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है। इस पर कितना अमल में लाया जा रहा है उसकी भी हम बात करते हैं।ग्राम टाटा की मितानिन खेमबाई ने बताया की हमारे गांव में 2 मितानिन हैं अभी हमें स्वास्थ्य विभाग से किसी प्रकार की दवाई किट उपलब्ध नहीं कराई गई है।इसी तरह कई गांव की मितानिनों से पूछने पर किसी को दवाई नही मिलने की बात कही।इस संदर्भ में बिलाईगढ खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश खूंटे ने बताया की ब्लॉक के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी प्रकार की दवाइयों की कमी नहीं है सभी को पॉजिटिव आते ही तथा लक्षण के आधार पर दवाईयां दी जा रही है वहीं मितानिनों के पास किट उपलब्धता पर बताया की जैसे जैसे हमारे पास ऊपर से दवाइयां आ रही हैं वैसे वैसे दवाई किट मितानिनों को वितरण किया जा रहा है।मैदानी इलाकों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास दवाई उपलब्धता पर उन्होंने कहा की ग्रामीणों की मांग अनुरूप इस विषय पर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जायेगा।