विनय शुक्ला की कविता पर विधानसभा में लगे ठहाके

global36garh न्यूज से ललित गोपाल की खबर

रायपुर03 मार्च 2021। विधानसभा के पटल पर सरकार ने अपना बजट पेश किया है,जिसके लिए 01 मार्च और 02 मार्च का दिन बजट पर चर्चा के लिए रिज़र्व रकह गया था। सदन में बजट प्रस्ताव के पक्ष में बोलने के लिए जब सदस्य शैलेष पांडेय खड़े हुए तो उन्होंने बात की शुरुआत कुछ यूँ की –

“मैं शुरुआत कविता से करना चाहता हूँ जो मुझे बिलासपुर के कार्यकर्ता ने लिख कर भेजी है”

इस पर विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने टोका और कहा….

“कविता आपने लिखी या किसी और ने लिखी है”

सदस्य शैलेष पांडेय ने जवाब दिया…

“अध्यक्ष जी, कार्यकर्ता ने भेजी है”

मुस्कुराते हुए विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा –

“पहले ये बताईए कवियित्री है या कवि है”

इस पर सदन में ठहाके गूंज गए…. विधायक शैलेष पांडेय भी मुस्कुराते रह गए तभी ठहाकों के बीच सदस्य सौरभ सिंह ने कहा…

“अध्यक्ष जी.. आपके प्रश्न का जवाब नहीं आया..व्यवस्था दीजिए”

इस पर विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने मुस्कुराते हुए कहा –

“चिंता मत करिए.. जब तक जवाब नहीं आएगा.. बोलने की अनुमति नहीं मिलेगी”

तब शैलेष पांडेय ने आसंदी से कहा –

“अध्यक्ष जी.. कार्यकर्ता है..कवि है.. विनय नाम है”

और इसके बाद सदस्य शैलेष पांडेय ने बजट के पक्ष में कविता के साथ अपनी बात की शुरुआत की और अंत विपक्ष पर तंज बशीर बद्र की इन पंक्तियों के साथ किया-

“घरों मे नाम थे नामो के साथ ओहदे थे

बहुत तलाश किया पर कोई आदमी न मिला”

Live Cricket Live Share Market

विडिओ  न्यूज जरूर देखे 

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close