छ.ग. सरकार के द्वारा पेश किए गये बजट पर बसपा अध्यक्ष ने दी अपनी प्रतिक्रिया।। बजट में गरीबों, किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों, बेरोजगारों, महिलाओं, कर्मचारियों के हित में कोई ठोस प्रावधान नहीं है – बसपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम।।

Global36 गढ़ के संवाददाता नीलकांत खटकर।।

रायपुर 02 मार्च 2021। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम ने 1 मार्च को पेश बजट पर प्रतिक्रिया ब्यक्त करते हुए कहा की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने सन् 2021-22 का वार्षिक बजट पेश करते हुए इसे “गढ़बो नया छत्तीसगढ़ ” का नाम दिया। बजट का अध्ययन करने पर यह पता चलता है कि पूर्व की रही भाजपा और उससे भी पहले रही कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की तरह ही इस बजट में गरीबों, किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों, बेरोजगारों, महिलाओं, कर्मचारियों के हित में कोई ठोस प्रावधान नहीं है। सरकार जो वादे करके सत्ता पर काबिज हुई थी उससे सरासर मुकरती हुई नज़र आ रही है। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के वायदे को सरकार ने किनारे कर दिया है। कर्मचारियों की भी लंबित मांगों को सरकार ने दरकिनार करते हुए प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को छलने का काम किया है। डीजल-पेट्रोल की आसमान छूती महंगाई को अपने स्तर पर कम करने के लिए सरकार राज्य के टैक्स को कम करके भी प्रदेश की जनता को कुछ राहत पहुंचा सकती थी, लेकिन सरकार ने यहाँ भी कुछ नहीं किया।

                                 उन्होंने आगे कहा की नक्सलवाद के खात्मे के नाम से भूपेश सरकार ने जो “बस्तर टाईगर फोर्स” बनाने की घोषणा की है, वह पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा चलाई गई “सलवा-जुडुम” और एस पी ओ यानि स्पेशल पुलिस फोर्स के नाम से बस्तर के आदिवासी बच्चों के हाथ में बंदूक पकड़ाके नक्सलियों के सामने खड़े कर देने की योजना से अलग नहीं है। इसमें हमारे आदिवासी बच्चे ही मारे जाएंगे। जिस तरह से माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एस पी ओ को अवैध ठहराया था, उसी तरह का अपरिपक्व फैसला बस्तर टाईगर फोर्स बनाने का फैसला भी साबित होगा। बस्तर के स्थानीय आदिवासी बच्चों को कुछ दूसरी नौकरी या उनमें स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देकर उनमें व्यवसायिक सोच पैदा करने के बारे में सरकार की कोई रूचि नहीं है। जो भी नये निर्माण कार्य अधोसंरचना के विकास के नाम से किये जायेंगे उनमें वही बड़े बड़े काॅन्ट्रेक्टर्स और ठेकेदारों का फायदा होगा जो भाजपा के राज में भी मौज करते थे और इसकी आड़ में भारी भ्रष्टाचार का खेल होगा। इसमें भी हमारे एसटी,एससी,ओबीसी के बेरोजगार युवाओं का कोई भला होने वाला नहीं है। किसानों की उपज का एक-एक, बीज 2500/- में खरीदने की बात करने वाली कांग्रेस केन्द्र के असहयोग की बात कहकर, भाजपा के साथ झगड़ा का नाटक करके किसानों को भी धोखा देने का काम किया है। केन्द्र के असहयोग की बात करने वाली कांग्रेस सरकार के लिए जब राम वन पथ गमन प्रोजेक्ट बनाने की बारी आई तो वही दोनों कांग्रेस, भाजपा एक होकर इस प्रोजेक्ट को शुरु करवाने में तत्परता दिखा रहे हैं, जबकि बस्तर क्षेत्र के आदिवासी अभी भी 5 वीं अनुसूचित क्षेत्रों में इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं।

कुल मिलाकर यह बजट कांग्रेस, भाजपा को सहयोग करने वाले बड़े पूंजीपतियों, ठेकेदारों को आगे बढ़ाने वाला है। गरीबों, किसानों, मजदूरों, बेरोजगारों के लिए इस बजट में कोई उम्मीद नहीं है। इनकी दशा जिस तरह से आज़ादी के 73 वर्षों में बनी हुई है, उसमें कोई बदलाव आने वाला नहीं है। बजट केवल थोथी घोषणाओं का पुलिंदा है।

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