रेलवे अधिकारियों का अमानवीय चेहरा आया सामने रेलवे ने कोविड ड्यूटी कर रहे मेडिकल स्टॉफ के वेतन काटे, रहने वाली जगह को भी खाली कराया – महापौर से मिले नर्स और स्टॉफ मेयर ने कलेक्टर और डीआरएम से की चर्चा
बिलासपुर 12 जून 2021। रेलवे कोविड हॉस्पिटल में ड्यूटी करने वाले नर्स और स्टॉफ को संक्रमण कम होने के बाद अब मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। यहां तक की अब इनको जो रहने और खाने की जगह मिली थी उससे भी बेदखल कर दिया गया ऐसे में अपनी समस्या लेकर रेलवे के नर्स सहित 75 कोविड हॉस्पिटल के स्टॉफ महापौर रामशरण यादव के पास अपनी समस्या को लेकन निदान के लिए पहंुचे।
जहां महापौर रामशरण को नर्सों ने बताया कि विगत एक वर्ष से हम रेलवे के कोविड अस्पताल में डñूटी कर रहें है। हमे रहने के लिए विश्रामगृह जगह दी गई साथ ही भोजन और आवगमन के लिए वाहन की सुविधा भी दी गई। लेकिन अब बिना किसी सूचना के हमे विश्रामगृह खाली करने और अप्रैल माह में वेतन से लगभग 6000 से 12000 रूपए तक की आकस्मिक कटौती अनुचित ढ़ग से की गई है। ऐसे में महापौर ने कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर से बात कर उन्हें बताया कि रेलवे हॉस्पिटल के स्टॉफ परेशान है।
कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं रेलवे डीआरएम से भी महापौर रामशरण यादव ने चर्चा की और अस्पताल के नर्सों की समस्या दूर करने के लिए बात की है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान ने भी समस्या का निवारण कराने की आश्वासन दिया।
“कोविड में दिन रात सेवा देने वाले इन मेडिकल स्टॉफ के साथ इस तरह का रेलवे का व्यवहार अमानवीय है, जिसकी हम कड़े शब्दों में घोर निंदा करते है “
– रविन्द्र तिवारी
( कार्य. प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ )