
बस्तर के प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए बनेगी कार्ययोजना

रायपुर, 02 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में प्रवासित हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इस दिशा में मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाने पर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में परिवार सीमावर्ती राज्यों तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में जाकर बस गए हैं, जिनके पुनर्वास के लिए सर्वे कार्य शुरू किया गया है।
प्रवासित परिवारों का आंकड़ा
तेलंगाना में
467 गांवों में
4345 परिवार
19,709 लोग
आंध्रप्रदेश में
184 गांवों में
2594 परिवार
11,389 लोग
कुल मिलाकर:
651 गांवों में
6939 परिवार
31,098 लोग प्रवासित
क्या होंगे अगले कदम?
राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के निर्देश पर एक माह के भीतर सभी प्रवासित परिवारों का सर्वे कर सूची तैयार की जाएगी। बस्तर संभागायुक्त द्वारा कलेक्टरों को 15 दिनों के भीतर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रवासित परिवारों के मूल गांव, वर्तमान निवास और अन्य आवश्यक जानकारी एकत्रित करें, ताकि पुनर्वास योजना प्रभावी ढंग से तैयार की जा सके।
साथ ही, विभिन्न विभागों को अपने-अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे योजना निर्माण में तेजी लाई जा सके।
बैठक में ये रहे शामिल
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक, कमिश्नर सहित दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर जुड़े। इसके अलावा वन, कृषि, गृह, शिक्षा, वित्त, पंचायत एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।



