
बाल विवाह रोकने स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को बताए कानून और हेल्पलाइन 1098
जांजगीर-चांपा, 2 सितंबर 2026। जिले में बाल विवाह रोकने और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी और हाई स्कूल कुलीपोटा में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के नुकसान और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुआ।
बाल विवाह बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक
जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल ने विद्यार्थियों को बताया कि बाल विवाह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसका असर उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराना या इसमें किसी तरह की मदद करना कानूनन अपराध है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार बालिका की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और बालक की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष है। इससे कम उम्र में शादी कराना या उसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध है।
बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत करें शिकायत
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कहीं किसी नाबालिग बच्चे या बच्ची की शादी कराई जा रही हो या बाल विवाह की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को देनी चाहिए।
इसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग से संपर्क किया जा सकता है।
बच्चों ने खुद किया 1098 पर कॉल
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विद्यार्थियों को 1098 हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली समझाई। बच्चों से 1098 पर कॉल करवाकर कॉल टेस्टिंग भी कराई गई।
इससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि किसी आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन से किस तरह सहायता ली जा सकती है।
कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया।



