
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से किसान मनोहर यादव की बढ़ी आय और पैदावार
जांजगीर-चांपा,16 जून 2026। कभी बढ़ती खेती लागत और उत्पादन की अनिश्चितता से चिंतित रहने वाले नवागढ़ विकासखंड के ग्राम कचंदा निवासी किसान मनोहर यादव आज नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से सफलता की नई मिसाल बन रहे हैं। लगभग दो एकड़ भूमि पर खेती करने वाले मनोहर यादव ने पारंपरिक पद्धतियों के साथ-साथ नवाचार को अपनाने का निर्णय लिया। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और राज्य शासन की पहल से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया।
नई तकनीक के सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगे। फसलों को संतुलित पोषण मिला, उत्पादन में वृद्धि हुई और उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम हो गया। कम मात्रा में अधिक प्रभावी साबित होने वाले नैनो उर्वरकों ने खेती को पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बना दिया।
मनोहर यादव बताते हैं कि नैनो उर्वरकों का परिवहन और उपयोग बेहद आसान है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। बेहतर गुणवत्ता वाली फसल और बढ़ी हुई पैदावार का सीधा असर उनकी आय पर पड़ा है। वे अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहते हैं कि बदलते समय के साथ खेती में नवाचार ही समृद्धि का रास्ता है। उनका मानना है कि वैज्ञानिक तरीकों और नई तकनीकों के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।



