
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का लाभ लेकर हार्दिक कश्यप बने क्षेत्र के प्रेरणास्रोत किसान
बिलासपुर, 3 अप्रैल 2026/ तखतपुर विकासखंड के ग्राम बहतराई के किसान हार्दिक कश्यप ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग खेती को लाभदायक बना सकता है। उनकी सफलता आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
पहले हार्दिक कश्यप पारंपरिक तरीके से बैंगन की खेती करते थे, लेकिन मृदा जनित रोगों और कीटों के कारण उनकी फसल बार-बार खराब हो जाती थी। इससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था और खेती घाटे का सौदा बनती जा रही थी।
इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाते हुए ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की। योजना के तहत उन्हें उन्नत किस्म के पौधे, खाद एवं दवाओं पर अनुदान और आधुनिक खेती की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
नई तकनीक अपनाने के बाद उनकी खेती में बड़ा बदलाव देखने को मिला। वर्तमान में उनके खेत में बैंगन की फसल लहलहा रही है। मात्र 0.400 हेक्टेयर भूमि में उन्होंने 250 से 270 क्विंटल तक उत्पादन हासिल किया है।
जहां पहले उनकी आय सीमित थी, वहीं अब वे सालाना 2.50 से 3 लाख रुपये तक की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
हार्दिक कश्यप का कहना है कि खेती में नई तकनीकों को अपनाना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ें।
उनकी यह सफलता कहानी न केवल क्षेत्र में एक मिसाल बन रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को फायदे का सौदा बनाया जा सकता है।



