कुआं बना हेमंत साहू के जीवन में बदलाव की वजह, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

 

जांजगीर-चांपा, 30 मार्च 2026/ गांव सरवानी के किसान हेमंत साहू की जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रही। कभी बारिश के भरोसे खेती करने वाले हेमंत आज पूरे साल अपने खेत में हरियाली देख रहे हैं। यह बदलाव संभव हुआ उनके खेत में बने एक कुएं की वजह से।

 

हेमंत बताते हैं कि पहले हालात बहुत मुश्किल थे। बारिश ठीक हुई तो फसल, नहीं तो पूरा साल परेशानी। सिंचाई का कोई साधन नहीं था, इसलिए साल में सिर्फ एक फसल ही ले पाते थे। घर चलाना भी मुश्किल हो जाता था और भविष्य को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी।

 

लेकिन साल 2023-24 में मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में कुएं के निर्माण की मंजूरी मिली। करीब 2.99 लाख रुपये की लागत से बना यह कुआं उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। कुएं के निर्माण में 357 मानव दिवस का रोजगार भी मिला, जिससे गांव के कई लोगों को काम मिला।

 

ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और कर्मचारियों के सहयोग से यह काम पूरा हुआ। कुआं बनने के बाद हेमंत साहू की खेती पूरी तरह बदल गई। अब उनके खेत में सिर्फ एक नहीं, बल्कि सालभर कई तरह की सब्जियां उगाई जा रही हैं — जैसे टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लौकी, मिर्च, करेला, खीरा और ककड़ी।

 

आज हेमंत कहते हैं,

“अब हमें मौसम की चिंता नहीं रहती। हर समय खेती हो रही है। हमारी आमदनी बढ़ी है और परिवार की हालत भी सुधरी है। अब भविष्य को लेकर भरोसा है।”

 

हेमंत साहू की यह कहानी सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि उस बदलाव की मिसाल है जो सही योजना और मेहनत से गांवों में लाया जा सकता है। मनरेगा के इस काम ने न केवल उनकी सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया।

 

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