सद्गति सेवा संस्थान की पहल- स्व. पीलादाऊ सतनामी की आंखो से दो लोगों को रोषनी एवं देहदान से मेडिकल स्टूडेंट्स को पढ़ाई में मदद

 

जांजगीर-चांपा पचोरी निवासी पीलादाऊ सतनामी (88 वर्ष) की दिनांक 10 अगस्त 2025 को रात्रि लगभग 9.00 बजे मौत हो गई। पीलादाऊ सतनामी द्वारा अपने जीवन काल में सद्गति सेवा संस्थान चांपा से प्रेरित होकर देहदान एवं अंगदान की घोषणा किया गया था, जिसके कारण उनके परिजन राजेन्द्र कुमार टण्डन द्वारा मृत्यु की सूचना संस्था के अध्यक्ष पुरूषोत्तम लाल साहू को जानकारी दी गई, उनके द्वारा तत्काल छ.ग. आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर से चर्चा के बाद शासकीय मेडिकल काॅलेज कोरबा के डीन डाॅ. के. के. सहारे एवं डाॅ. गोपाल सिंह कंवर के निर्देशानुसार डाॅ. मणी किरण कुजुर, डाॅ. यदुनंदिनी सिंह, डाॅ. प्रियंका एक्का, एच. सी. जांगड़े एवं जितेन्द्र सहित मेडिकल टीम एवं सद्गति सेवा संस्थान चांपा के अध्यक्ष पुरूषोत्तम लाल साहू, सहसचिव भरत लाल देवांगन एवं सदस्य रमेश कुमार साहू देर रात्रि 01.00 बजे पचोरी स्थित निवास पहुंच कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण कर नेत्रदान का प्रमाण-पत्र उनके पत्नि माया बाई सतनामी को सौंपा गया।
देहदान के लिए सुबह सद्गति सेवा संस्थान के अध्यक्ष द्वारा डाॅ. मनोज कुमार बर्मन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला- जांजगीर चांपा एवं डाॅ. एस. कुजुर सिविल सर्जन के सहयोग से पीलादाऊ सतनामी के मृत शरीर को संस्था के उपाध्यक्ष बिरधीचंद करियारे, सहसचिव भरत लाल देवांगन, उपकोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशिक, सदस्य रमेश कुमार साहू एवं स्व. पीलादाऊ के परिजन राजेन्द्र कुमार टण्डन, अजीत दिवाकर सतनामी शासकीय मेडिकल काॅलेज कोरबा पहुंचकर दिनांक 11 अगस्त 2025 दोपहर बाद 01.00 बजे सौंपा गया। इसके पूर्व उनके अंतिम यात्रा सद्गति सेवा संस्थान द्वारा सम्मान पूर्वक गाजे-बाजे के साथ संस्थान के सदस्यों की उपस्थिति में परिजनों सहित गांव के बड़ी संख्या में ग्राम वासियों सहित उनके निवास श्मशान घाट पचोरी तक लाने के बाद शासकीय मेडिकल काॅलेज कोरबा रवाना की गई।
संस्थान चांपा के अध्यक्ष पुरूषोत्तम लाल साहू द्वारा जानकारी दी गई कि  पीलादाऊ सतनामी के देहदान एवं नेत्रदान करने उनके आंखें किन्हीं दो व्यक्तियों के आखों में रोशनी बनकर जिंदा रहेगी, मृत्यु के बाद भी जीवन का सुअवसर है। सामाजिक हित में हम सभी को अंगदान / देहदान के लिए आगे आकर अनमोल देह का सदुपयोग करते हुए दूसरे की जीवन में आनंद भरें। संस्थान द्वारा अभी तक 04 व्यक्तियों का देहदान एवं 02 व्यक्तियों का नेत्रदान किया गया है तथा लगभग 85 व्यक्तियों का घोषणा पत्र प्राप्त कर विधिवत् भारत सरकार के वेबसाईट में पंजीयन किया गया एवं कई लोगों द्वारा अंगदान/ देहदान किये जाने की सहमति प्रदान की गई है।
संस्थान के अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि संस्थान सामाजिक हित में अंगदान/ देहदान, स्वस्थ्य एवं आनंदित जीवन शैली के लिए प्रेरित किये जाने तथा पर्यावरण संरक्षण के हेतु जन-जागरूकता लाने समर्पित है।

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