Global36garh news : मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से हो रहा मुफ्त इलाज। न लंबी लाइन की चिंता न टेस्ट के लिए इंतजार।

 

जगदलपुर 03 अक्टूबर 2022 l बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का सभी को अधिकार है। लेकिन रोजी-मजदूरी करने वाले श्रमिकों को काम से समय नहीं मिल पाने की वजह से वे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते थे। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा अस्पताल और गरीब तबके के लोगों के बीच की इसी खाई को पाटने के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरूआत की गई। जिसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट से शहरी क्षेत्र के स्लम या झुग्गी बस्तियों में रहने वाले श्रमिकों और गरीब लोगों को निशुल्क इलाज मुहैया कराई जा रही है। इस योजना से रोजाना सुबह 8 से 3 बजे तक स्लम क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा कैंप लगाया जाता है। जहां पर निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, इलाज और सभी तरह के प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं दी जाती है। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट में लोगों की सुविधा के लिए एक डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्स की सुविधा होती है। यह सरकार की दूरदर्शिता ही परिणाम है कि आज गरीब वर्ग का हर व्यक्ति इस सुविधा का लाभ ले पा रहा है।

 

सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य की सुविधाएं हर व्यक्ति की पहुंच तक हो और इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नगरीय क्षेत्र के झुग्गी बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ रहवासी ले रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए नगर पालिक निगम जगदलपुर में कुल 4 पंजीकृत मोबाइल मेडिकल यूनिट चल रहे हैं जहां सितंबर 2022 की स्थिति में अब तक कुल 2 हजार 135 शिविर लगाए जा चुके हैं, जिसके अंतर्गत कुल 1 लाख 24 हजार 194 मरीजों का इलाज हो चुका है। दवा वितरण की बात करें तो कुल 1 लाख 2 हजार 925 दवाएं वितरित की जा चुकी है। 24 हजार 333 मरीजों को टेस्ट का लाभ भी मिला है और ये आंकड़े निरंतर तेजी से बढ़ रहे हैं।

 

इसके अलावा नगर पंचायत बस्तर में 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाई जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2022 तक नगर पंचायत बस्तर में कुल 31 शिविर लगाए जा चुके हैं जिसमें कुल 1 हजार 524 मरीजों का इलाज, 1 हजार 392 दवाईयों का वितरण और 189 लैब टेस्ट का लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिला है।

 

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से आज हर गरीब तबके की पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं तक है, स्लम क्षेत्र में रहने वाली महिलाएं इसका सटिक उदाहरण हैं। महिलाओं को ए.एन.सी., पी.एन.सी. जांच की सुविधा निशुल्क मिल रही है। वहीं परीक्षण के दौरान गंभीर बीमारियों का पता चलने पर मरीज को उचित परामर्श के साथ उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर भी किया जाता है। साथ ही इन मोबाइल मेडिकल यूनिट में बेहतर साफ-सफाई, पीने योग्य पानी, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा की भी सुविधाएं हैं। मोबाइल मेडिकल युनिट में श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों का पंजीयन भी किया जाता है।

 

मिशन स्कूल पारा, जगदलपुर की रहने वाली बिंदा नाग सरकार को धन्यवाद देते हुए कहती हैं, कि सरकार की गाड़ी आती है, हमें निरू शुल्क दवाई और इलाज मिलता है। यहां पर शुगर, डेंगू और मलेरिया की जांच का फायदा मिल रहा है। छोटी-छोटी परेशानियों का भी इलाज डॉक्टर लोग कर देते हैं। हम अच्छे हैं, स्वस्थ्य हैं इसके लिए मैं सरकार का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने हमें यह सुविधा दी है।

 

पनारापारा निवासी अजय पाल सिंह बताते हैं कि पहले समय निकालकर अस्पताल जाना पड़ता था। फिर लंबी लाइन और इंतजार। अब तो ये मेडिकल यूनिट आती है यहां पर घर के पास, मैं अपना बीपी, शुगर टेस्ट करवाता हूं। कोई परेशानी होने पर दवाई भी लेता हूं। अच्छा है हमारा समय बच रहा है और इलाज भी घर के समीप मिल रहा है।

 

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