Global36garh news : आदिवासी संगठनों ने रावण का पुतला दहन पर पूर्ण प्रतिबंध व दुर्गा प्रतिमा के साथ महिषासुर की प्रतिमा न लगाने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन।
गौरेला-पेंड्रा -मरवाही 30 सितंबर 2022 ।सर्व आदिवासी समाज व गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ ने रावण के पुतला दहन पर पूर्णतः प्रतिबंध व दुर्गा प्रतिमा के साथ महिषासुर की प्रतिमा को हिंसक रूप से न लगाने छ ग राज्य के राज्यपाल और गौरेला के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इन संगठनों ने कहा की महाराजा रावण और महाबली राजा महिषासुर हमारे पूर्वज है हम आदिवासी समुदाय प्राचीनकाल से ही इन्हें अपना आराध्य देव व महापुरुष मानते हुए 75 दिनों तक पूजा करते हैं।ये दोनों हमारे और प्रकृति के रक्षक रहे हैं। राजा महिषासुर की प्रतिमा को दुर्गा प्रतिमा के साथ हिंसक रूप देकर प्रदर्शित करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 अ,295,295 अ,298 के तहत किसी भी जाति,धर्म,वंश,लिंग के साथ भेदभाव व अपमानित नहीं किया जा सकता है।यदि कोई व्यक्ति या समूह ऐसा कृत्य करता है तो धारा 426,294 एवं 191 के तहत आरोपियों को जेल होना चाहिए व कड़ी सजा की मांग की है। इन्होंने ज्ञापन में आगे कहा है कि संविधान में “असुर” आदिवासी समुदाय अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज पांचवी अनुसूची के अनुच्छेद 244(1),13(3) क,19(5) (6) के प्रावधान और एससी एसटी एक्ट के तहत आदिवासियों की भाषा, संस्कृति,पुरखों,देवी देवताओं के ऊपर हमले अपमान, अनुचित व दंडनीय अपराध है इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने मांग की है।



