बिलासपुर ब्रेकिंग:गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने 10 वर्षों तक लड़ी लंबी कानूनी लड़ाई, हम 12% से वापिस 16% पर पहुंचे
बिलासपुर 19 सितम्बर 2022/ आरक्षण प्रकरण पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में हमारे पक्ष में आया फैसला
गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सभी प्रमुख पदाधिकारी उच्च न्यायालय बिलासपुर में सुबह से है मौजूद…
गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने 10 वर्षों तक लड़ी लंबी कानूनी लड़ाई, हम 12% से वापिस 16% पर पहुंचे,
पूर्ववर्ती छ.ग. सरकार ने आरक्षण नियमों में संशोधन कर सन 2012 में अनुसूचित जाति के आरक्षण को 16% से घटाकर 12% कर दिया था तथा अन्य वर्गों के आरक्षण में बढ़ोतरी कर दी थी जिससे आरक्षण की निर्धारित तय सीमा 50% से बढ़कर 58% हो गया था।
इस निर्णय के खिलाफ अनुसूचित जाति वर्ग (विशेषकर सतनामी समाज) के लोगों ने अपने संवैधानिक हक व अधिकार के लिए सड़क की लड़ाई लड़ी… उसके बाद भी न्याय नहीं मिला।तब गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से तत्कालीन अध्यक्ष स्व. नरसिंह मंडल जी ने सन 2012 में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपने सहयोगियों के साथ याचिका दायर की, उसके कुछ माह बाद मंडल जी का निधन हो गया ।
उसके बाद आरक्षण प्रकरण की लड़ाई की बागडोर अकादमी के वर्तमान अध्यक्ष के.पी. खण्डे जी ने संभाला और 2012 से 2022 तक अर्थात लगातार 10 वर्षो तक माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से हम सभी के लिए न्याय पाने संघर्ष करते रहे।
गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से तथा शासन की ओर से अर्थात (दोनों पक्षों की ओर से) अंतिम बहस 06 जुलाई 2022 को पूरी हो चुकी थी और माननीय मुख्य न्यायाधीश के डिवीजनल बैंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था… आज 19 सितंबर 2022 को सुबह 10:30 बजे फैसले की तिथि निर्धारित की गई थी..
हमारे गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष के.पी. खण्डे, कोषाध्यक्ष डी एस. पात्रे, प्रवक्ता चेतन चंदेल जिलाध्यक्ष सुंदरलाल जोगी एवं प्रदेश प्रतिनिधि उतित भारद्वाज आज सुबह से ही माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपने विद्वान अधिवक्ता जे.के. शास्त्री जी के साथ डटे रहे….
आरक्षण पर माननीय उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस माननीय अरुप कुमार गोस्वामी सर और माननीय जस्टिस पी.पी. साहू सर की डिवीजनल बैंच ने फैसला देते हुए बढे हुए आरक्षण 58% को घटाकर पूर्व की भांति 50% यथावत रखने का आदेश पारित किया है,
इस फैसले से अब SC. का प्रतिशत 12% बढ़कर 16 % वापस आ गया है, इस ऐतिहासिक जीत के लिए गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी परिवार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के सभी सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।



