
पुना पैक्ट समझौता हमारे साथ धोखा हैं— रवि रविन्द्र

कसडोल 24 सितम्बर 2021 l 24 सितम्बर 1932 को आज ही के दिन बाबासाहब को पूना करार (पुना पैक्ट) पर दस्तखत करने पर मजबूर कर दिया। अगर खुद की जान की बाजी लगानी पड़ती तो बाबासाहब कतई तैयार नही होते, लेकिन गांधी जी के निशाने पर हमारा गरीब समाज था। चारो तरफ के दबाव से बाबा साहब को सोचना पड़ा व पूना पैक्ट समझौते पर दस्तखत करना पड़ा।

बहुजन समाज पार्टी इस धोखे को पुना पैक्ट धिक्कार दिवस के रूप मे मानती है की कैसे गांधी जी ने हमारे हक अधिकार नहीं देने के लिए क्या कुछ नहीं किया, आज कसडोल में एक दिवसीय पुना पैक्ट धिक्कार दिवस साथ ही साथ राज्य की कांग्रेस सरकार व केन्द्र की भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया जिसके मुख्य अतिथि जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद साहू, विशिष्ठ अतिथि डी. आर. बघेल रहे अध्यक्षता विधनसभा अध्यक्ष रवि रविन्द्र की रही , साथ ही साथ सुदर्शन बार्वे पार्षद बसपा, किशोर नवरंगे, डॉ नोहर जी, अशोक ठाकुर जी, आजेष , संजय, सुन्दर व विधानसभा अन्य साथियों की उपस्तिथि रही ।


