बलौदाबाजार 14 मई2021 ।बिलाईगढ़ ब्लॉक के बिलासपुर की पद्मिनी जांगड़े पिता नीलकंठ जांगड़े माता द्वासबाई जांगड़े ग्राम बिलासपुर की हैं। बिलासपुर ग्राम के कलमीभाठा में उनका घर था। उसमें लगभग 40 साल से अधिक रह चुके हैं। जिसका पट्टा ग्राम के पूर्व सरपंच ने 16/08/1998 को उनकी मां द्वास बाई को दिया था। पिताजी के गुजर जाने के बाद आर्थिक और पारिवारिक स्थिति निर्मित हुई इस वजह से वह जगह खाली पड़ गई जिस पर ग्राम के झुल्लाबाई, महेतरीनबाई, धनमत, थानुराम, नंदकुमार टंडन, श्यामसुंदर, महात्मा बंजारे ने 25/06/2018 की रात को जेसीबी से तोड़ दिया और कब्जा कर झोपड़ी बना ली।पदमिनी ने अपनी शिकायत पत्र में कहा की मैने इसकी शिकायत हर जगह की पर परंतु कहीं से इस पर कार्यवाही नही हुई।मैंने पूर्व में कई बार नायब तहसीलदार भटगांव,थाना प्रभारी सरसीवा में शिकायत की लेकिन आज पर्यंत मुझे न्याय नहीं मिला।उन्होंने आगे कहा कि हम उस जगह पर जाते हैं तो उक्त आरोपी गण द्वारा दादागिरी करते हुए जान से मारने की धमकी देते है। कृपया हमें न्याय दिलाए। मेरी मां बूढ़ी हो गई हैं। उनकी देखरेख के लिए कोई नही है। मैं ही उनके साथ अपने 2 बच्चो को लेकर रहती हूं।बिना न्यायालय की सुनवाई के ही अनावेदक द्वारा हमारी जमीन के आधे हिस्से में घर बना लिया गया जो अनुचित है माननीय न्यायालय पर भरोसा रखती हूं कि मुझे न्याय जरूर मिलेगा। इस संदर्भ में हल्का के पटवारी मनोज अनंत ने बताया की हां इस मामले के बारे में जानता हूं।आवेदक ने उसकी शिकायत मुख्यमंत्री जन दर्शन में आवेदन किया है वहीं प्रकरण दो साल से न्यायालय में चल रहा है जो की लंबित है कोरोना कॉल के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही है।