रायपुर 25 जून 2021 । छ ग बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम ने वीरांगना रानी दुर्गावती जी के शहादत दिवस 24 जून पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की गोंडवाना भू-भाग गोंड राजाओं की धरती रही है। ऐसे ही महान गोंडवाना राज्य गढ़ मंडला में रानी दुर्गावती ने अपने पति राजा दलपत शाह की मृत्यु के बाद शासन करने का काम किया। रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट अकबर के सेनापति आसफ खां को युद्ध में पराजित किया। रानी दुर्गावती ने एक कुशल प्रशासक के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।इतिहास गवाह है कि आदिवासी गोंड राजाओं का एक समृद्ध शाली गौरवपूर्ण शासनकाल रहा है, जो लगभग 1300 वर्षों तक चला है। आज भी बड़े बड़े गढ़, स्मारक और राज महलों के अवशेष गोंडी राजाओं के समृद्ध शाली इतिहास की गवाही देते हैं।परंतु आज उन्हीं गोंडी राजवंशों के उत्तराधिकारी आदिवासी समाज बहुत ही दलित,शोषित,पीड़ित, प्रताड़ित जिन्दगी जीने को मजबूर है। आखिर इसका कारण क्या है? इस प्रश्न का उत्तर खोजने पर पता चलता है कि जिस राजतंत्र की व्यवस्था में हमारे पूर्वज राज-पाट करने का काम किए, आज की बदली हुई परिस्थितियों में लोकतंत्र की व्यवस्था को हमारा आदिवासी समाज समझने में नाकाम रहा। आज भी हम अपने देश व प्रदेशों में राज करने का काम कर सकते हैं, परंतु उसके लिए हमें राजनीति के पाॅवर को समझना पड़ेगा। बग़ैर राजनीति को समझे हम आज की परिस्थितियों में राज-पाट करने का काम नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा की आज देश व प्रदेशों में वही शासन कर सकता है जो वोटों की संख्या के हिसाब से बहुमत में है। आज देखा जाय तो बहुमत में इस देश का एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज है, जिनकी जनसंख्या आबादी के हिसाब से देश की कुल जनसंख्या का 85-90% है। परंतु राजनीतिक रूप से जागरूक नहीं होने की वज़ह से आज इतनी बड़ी संख्या रखने वाला ये बहुजन समाज आज भी शासन सत्ता से दूर है, और आज भी तमाम तरह की तकलीफ़ों को झेलते हुए लगातार मारा जा रहा है, पीटा जा रहा है, जेलों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा जा रहा है। कीड़े-मकोड़ों की तरह जीवन जीने को मजबूर है।आज वीरांगना रानी दुर्गावती जी की शहादत दिवस 24 जून 2020 को यह संकल्प लेने का दिन है कि जिस तरह से हमारे पुरखों ने इस देश में शासन करने का काम किया है, फिर से हम लोग आज के लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने वोटों के दम पर इस देश व प्रदेशों में राजनीतिक सत्ता को अपने हाथ में लेने का काम करेंगे और अपनी तरक्क़ी के सारे दरवाजे खोलने का काम करेंगे। अपनी सत्ता स्वयं के हाथों में लेने के लिए राजनीतिक ताकत बनानी पड़ती है। पहले हमारे लिए स्वयं का कोई राजनीतिक ठौर ठिकाना नहीं था तब हम लोग किराए के घर (कांग्रेस, बीजेपी) में रहने के लिए मजबूर थे, परंतु मान्यवर कांशीराम साहेब ने आज हमारे लिए स्वयं का राजनीतिक प्लेटफॉर्म “बहुजन समाज पार्टी” के रूप में बनाकर दिया है, जिसकी सर्वमान्य नेता आज बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीया बहन कुमारी मायावती जी हैं। बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनाकर आज हम पुनः एक बार देश व प्रदेशों के मालिक बनने का काम करें।