
शास. उच्च. माध्य. विद्या. तुमान विकास खंड करतला में नेताजी जयंती कार्यक्रम का आयोजन ।
कोरबा 25जनवरी2021। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुमान विकास खंड करतला में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों एवं स्काउट_ गाइड के छात्र-छात्राओं द्वारा संस्था के प्राचार्य पी. पटेल के संरक्षण एवं कार्यक्रम अधिकारी डी.आर. पटेल एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी एम. एल. साहू ,सरिता महिलांगे के नेतृत्व में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए 23 जनवरी को नेता जी के 125 वी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया गया। सबसे पहले मां सरस्वती एवं नेताजी जी सुभाष चंद्र बोस के तैल चित्र पर पूजा अर्चन, दीप प्रज्वलित एवं श्रीफल तोड़कर कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के प्राचार्य पी.पटेल द्वारा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए देश को आजाद कराने में उनके द्वारा बनाए गए रणनीतियों के बारे में एवं नेताजी को महान क्रांति बताते हुए उनके संघर्ष मय जीवन से छात्रों को सीखने का आह्वान किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक , आजाद हिंद फौज के संस्थापक ,दबंग व्यक्ति के धनी, भारत भूमि के सच्चे सपूत और “जय हिंद ” का नारा देने वाले सुभाष चंद्र बोस जी का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक नामक नगरी में सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था ।अपने विशेषता तथा अपने व्यक्तित्व एवं उपलब्धियों की वजह से नेता जी सुभाष चंद्र बोस भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। तत्पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डी.आर.पटेल द्वारा भारत भूमि के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के बारे में बताया कि जब भी देश के महान क्रांतिकारियों का नाम लिया जाता है तो उनमें एक ऐसा भी नाम शामिल है जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए अपने एक फौज का निर्माण किया हम बात कर रहे हैं नेताजी के नाम मशहूर सुभाष चंद्र बोस की देश के लिए ब्रिटिश नौकरी छोड़कर वे खुद गए थे ।स्वतंत्रता संग्राम में जहां अलग-अलग देशों में जाकर आजादी की लड़ाई के लिए मदद मांगी अपने तथा अपने व्यक्तित्व एवं उपलब्धियों की वजह से सुभाष चंद्र बोस भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं ।तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा उनका “जय हिंद” का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया। वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रख्यात नेता थे। हालांकि देश को आजाद कराने में योगदान का ज्यादा श्रेय महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरु को दिया जाता है मगर सुभाष चंद्र बोस का योगदान भी किसी से कम नहीं था।
इस कार्यक्रम में स्टाफ के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं के.आर साहू , एम. एल. साहू, एस.के कुर्रे, एस.के मानिकपुरी, टी.आर कंवर, लेखेंद्र साहू, सुश्री तोरण टंडन , मेम कंवर, सरिता महिलांगे, ब्रिजीया राजवाड़े, चंद्र कली पाटले, राजकुमार पटेल, नान्ही दास महंत आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार व्यक्त कार्यक्रम अधिकारी डी.आर. पटेल द्वारा किया गया । तत्पश्चात सभी छात्र छात्राओं को प्रसाद वितरण किया गया ।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रकाश कुमार खांडे, नरेंद्र मैत्री, बैजू सोनी, सुनील कुमार, एलिस दिवाकर, करण दिव्य, कमलेश पटेल ,गौतम पटेल ,राज पटेल ,राजकुमार ,सोनू कुमार,तीर्थ कुमार, बृजेश पटेल ,दिनेश कुमार कंवर, शैलेश पटवा, पूजा पटेल, बिना रानी, मेघा पटेल, काजल पटेल, पुष्प लता कंवर, कौशल्या कंवर, दीक्षा यादव, सविता पटेल आदि स्वयं सेवक एवं स्काउट गाइड के छात्र-छात्राएं का विशेष योगदान रहा।
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