बिलासपुर 05 जनवरी 2021। कांग्रेस अपने आंतरिक गुटबाजी से ही 15 वर्षो तक सत्ता से दूर रही । पार्टी में जब जब गुटबाजी हावी हुआ वो सत्ता से दूर चली गई। बिलासपुर की राजनीति में वर्तमान में सत्ता व संगठन के बीच जिस प्रकार की गुजबाजी दिख रही है यह भविष्य में पार्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
आज शहर विधायक व संगठन दोनों आमने सामने दिख रहे है। समय समय पर इन दोनों के बीच टकराव देखी जा रही है। चाहे संसदीय सचिव रश्मि सिंह की नियुक्ति के बाद शहर प्रथम आगमन के कार्यक्रम मे विधायक की अनुपस्थिति का मामला हो या एल्डरमेन की नियुक्ति का मामला हो या वर्तमान के ब्लाक अध्यक्षो की नियुक्ति हो। इन सभी मामलों में विधायक व संगठन का टकराव देखा गया है।
तात्कालिक घटना क्रम तो और भी हास्यास्पद था जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल न्यू सर्किट हाउस के अंदर समाज के प्रमुखों व अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे तो बाहर विधायक शैलेश पाण्डेय व ब्लाक अध्यक्ष तैय्यब हुसैन के बीच तू तू..मैं मैं चल रही थी। मामला ब्लाक अध्यक्ष पद पर तैय्यब हुसैन की पुनः नियुक्ति होने की थी विधायक शैलेश का कहना था कि इस बार किसी नए व्यक्ति को मौका देना चाहिये था। बस इसी बात पर दोनों उलझ पड़े। मामले को शांत कराने के लिए विजय पाण्डेय को सामने आना पड़ा लेकिन फिरहाल मामला शांत दिखता नही है दोनों एक दूसरे की शिकायत पार्टी अध्यक्ष से करने की बात कह रहे है।