बिलासपुर 23 दिसंबर 2020। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर अलग-अलग राज्यों के छात्र- छात्राओं से लाखों रूपयों की ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह को बिलासपुर पुलिस ने साइबर सेल की मद्दत से दिल्ली से आज गिरफ्तार किया है।
मामला कोनी थाना का है जंहा प्रार्थी तरुण साहू पिता सुन्दर साहू, उम्र 52 वर्ष, निवासी- कोनी, बिलासपुर ने कोनी थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 2018 में अपनी बेटी की सरस्वती मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल पुल कोटा के माध्यम से एडमिशन कराने के नाम पर तरुण साहू से 35 लाख रुपये, भागवत साहू से 15 लाख एवं दीपक साहू से 10 लाख तथा तरुण साहू द्वारा दीपक चटर्जी के खाते में 22 लाख कुल 82 लाख रुपये जमा कराया गया था। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा ठगी करते हुए पैसों को हड़प लिया गया व प्रार्थी व अन्य पीड़ितो के बच्चों का MBBS में दाखिला नही कराया गया।
उक्त धोखाघड़ी की रिपोर्ट प्रार्थी के द्वारा कोनी थाना में दर्ज कराई गई । जिसके पश्चात कोनी पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया। तथा उक्त मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। एवं अधिकारियों के मार्गदर्शन व निर्देशों पर साइबर सेल प्रभारी कलीम खान के नेतृत्व में पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई। जिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना किया गया। जंहा आरोपियों के लोकेशन के आधार पर दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मुंबई आदि विभिन्न क्षेत्रों में वेशभूषा बदल कर रेकी कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म करना स्वीकार किया।इनके पास से 5 लाख नगद व 5 नग मोबाइल फोन पुलिस ने जप्त किये है।
आरोपियों से पूछताछ पर खुलासा हुआ कि ये लोग अपने आप को शैक्षणिक सलाहकार बताकर लोगो से ठगी करते थे। लोगो को इनकी बातों पर शक न हो इसके लिये ये अपने आप को हाई प्रोफइल शो करते थे व महँगे होटलों में रुकते थे।और जैसे ही कोई इनके झांसे में आकर इन्हें पैसा दे देता था ये लोग उनका नम्बर ब्लॉक कर देते थे। इसी तरह से ये अपनी ठगी को अंजाम देते थे।
*आरोपियों के नाम*-
1/ दीपक चटर्जी पिता विश्वनाथ चटर्जी,उम्र 31 वर्ष निवासी-बी/103,पब्लिक एवं यस तू यस दीक्षाद कॉलोनी,दिल्ली
3/ प्रभुदीप सिंह उर्फ अरविंद सिंह पिता- वृजपाल सिंह उम्र 34 वार्ड निवासी-13 शक्ति नगर,पीलीभीत बायपास रोड,बरेली, रुहेलखंड(उत्तरप्रदेश)
उक्त कार्यवाही में साइबर सेल प्रभारी कलीम खान, प्रभाकर तिवारी, शैलेंद्र सिंह,अवधेश सिंह, बलबीर सिंह, दीपक उपाध्याय, नवीन एक्का, विकास यादव, धर्मेंद्र साहू एवं दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र पुलिस का विशेष योगदान रहा।