सम्पादकीय – आज पूरे देश को लूटने वाले झारखंड के जामताड़ा के 10-12 वी पड़ने वाले ऐसे बेरोजगार लोग है जिन्हें ठीक से हिंदी भी बोलना नही आती। लेकिन वे आज एक छोटे से गांव में रह कर देश के बड़े बड़े शहरो के पढ़े लिखें लोगो को अपनी बातों की जाल में फ़सा कर ठगने का काम कर रहे है।
ऑनलाइन फ्रॉड की लगभग 99.9% फ्रॉड कॉलस यंही से किया जा रहा है। यह बात आज हर कोई जानता फिर वो चाहे पुलिस हो या ठगी का शिकार होने वाला व्यक्ति। लेकिन फिर भी हमारे देश की कानून व्यवस्था की ऐसी क्या मजबूरी है कि इस तरह की लगातार होने वाली फ्रॉड को झारखंड सरकार अथवा जामताड़ा की स्थानीय पुलिस रोकने में नाकाम क्यों है..!! क्यों कोई अभियान चलाकर हमेशा के लिए इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड करने वालो पर अंकुश लगती है।
क्या वंहा की स्थानीय पुलिस अब बिक चुकी है..? इन अपराधियों के हाथो ..!! या वंहा की सरकार को इन लोगो ने अपना पार्टनर बना रखा है। यदि ऐसा नही है तो ज़रा बताइये कि बिलासपुर पुलिस जामताड़ा (झारखंड)जा कर इन अपराधियों को गिरफ्तार कर ला सकती है तो क्या वंहा की स्थानीय पुलिस इन पर कार्यवाही कर इन पर अंकुश नही लगा सकती । जबकि जामताड़ा की करतूत आज जग जाहिर है कई मीडिया की लाइव रिपोर्टिंग में भी ये बात सामने आई है कि यंहा के अधिकतर नव जवान युवक इसे अपना पेशा बना रखे है और यँहा इस तरह की गैर कानूनी काम आम हो गई है।